आयु समूह: U14
फोकस: संतुलित
अवधि: 65 मिनट
ड्रिल्स: 8
सभी आधारों को कवर करने वाला सटीक 75-मिनट का अभ्यास। अपने डिफ़ॉल्ट साप्ताहिक सेशन के रूप में उपयोग करें।
जोड़ियां, 5 मीटर की दूरी पर। 20 चेस्ट पास, 20 बाउंस पास, 20 ओवरहेड पास, 20 वन-हैंडेड पुश पास (हर हाथ से 10)।
बेसिक्स वार्मअप जो हर कोच को हर प्रैक्टिस में करवाना चाहिए। टर्नओवर से बचाव गारंटीड।
छह प्रोग्रेशन जगह पर: पाउंड ड्रिबल्स, लो-हाई क्रॉसओवर्स, बिटवीन-द-लेग्स, बिहाइंड-द-बैक, फिगर-8 अराउंड लेग्स, स्पाइडर ड्रिल।
हर गार्ड को रोज यह वार्मअप करना चाहिए। पांच मिनट हाथ-आंख का फाउंडेशन बनाते हैं जिसकी सब कुछ को जरूरत है।
छह शंकु ज़िग-ज़ैग पैटर्न में। खिलाड़ी गेम स्पीड पर उनके बीच से गुजरता है, हर एक पर चुना हुआ मूव करता है: क्रॉसओवर, बिटविन-द-लेग्स, बिहाइंड-द-बैक, इन-एंड-आउट, स्पिन, हेसिटेशन।
मूव्स लाइब्रेरी गेम स्पीड पर। दिशा बदलने और पेस बदलने की क्षमता बनाता है।
कोच या पार्टनर रिबाउंडर बास्केट के नीचे से परिधि पर शूटर को पास देता है। शूटर शूटिंग पोजीशन में कैच करता है, पैर सेट करता है, उठता है और शूट करता है — कोई ड्रिबल नहीं, कोई हिचकिचाहट नहीं।
आधुनिक बास्केटबॉल में सबसे आम शॉट: कैच-एंड-शूट थ्री किक-आउट से।
दो आक्रमणकारी खिलाड़ी: विंग पर बॉल-हैंडलर, विपरीत कोने में शूटर। दो डिफेंडर। बॉल-हैंडलर बेसलाइन ड्राइव करता है; हेल्प डिफेंडर बॉल को रोकने के लिए स्टेप ओवर करता है, फिर किक-आउट पास आने पर अपने मैन को रिकवर करता है।
आधुनिक डिफेंस का सबसे महत्वपूर्ण रोटेशन। रिकवरी को हेल्प जितना ही प्रैक्टिस करो।
आधुनिक आक्रमण की बुनियाद। बॉल-हैंडलर स्क्रीन से निकलता है और डिफेंस को पढ़ता है: अगर बिग ड्रॉप करे तो ड्राइव करो, अगर स्विच हो तो पुल-अप लो, अगर ट्रैप करें तो पॉकेट पास दो, अगर हेल्प आए तो विंग को किक करो।
लाइव रेप्स से पहले हर रीड को आधी स्पीड से वॉक-थ्रू करो।
तीन-तीन खिलाड़ियों की लाइव एक्शन। मेक-इट-टेक-इट। डिफेंस को बॉल को थ्री-पॉइंट लाइन के आगे निकालना होगा फिर ऑफेंस पर वापस जाना होगा। पहली टीम जो 7 तक पहुंचे जीत जाती है।
बास्केटबॉल में सबसे अच्छा सिखाने का तरीका। हर स्किल लागू होती है, हर डिसीजन मायने रखता है।
प्रैक्टिस के अंत में: 30 सेकंड प्रत्येक, टो टच, क्वाड स्ट्रेच, हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच, कॉफ स्ट्रेच, लंज स्ट्रेच, कोबरा बैक स्ट्रेच, शोल्डर रोल्स। कुल 4 मिनट।
ज्यादातर कोच इसे स्किप करते हैं। मत करो। रिकवरी यहीं से शुरू होती है। जो खिलाड़ी लगातार स्ट्रेच करते हैं वो दर्द से कम प्रैक्टिस मिस करते हैं।