उम्र समूह: U16
फोकस: पोजीशन स्किल्स
अवधि: 66 मिनट
ड्रिल्स: 9
गार्ड्स-ओनली इंटेंसिव। दबाव में बॉल हैंडलिंग, रीड्स, डिसीजन-मेकिंग, पुल-अप शूटिंग, लेट-क्लॉक क्रिएशन।
जोड़ियां, 5 मीटर की दूरी पर। 20 चेस्ट पास, 20 बाउंस पास, 20 ओवरहेड पास, 20 वन-हैंडेड पुश पास (हर हाथ से 10)।
बेसिक्स वार्मअप जो हर कोच को हर प्रैक्टिस में करवाना चाहिए। टर्नओवर से बचाव गारंटीड।
छह प्रोग्रेशन जगह पर: पाउंड ड्रिबल्स, लो-हाई क्रॉसओवर्स, बिटवीन-द-लेग्स, बिहाइंड-द-बैक, फिगर-8 अराउंड लेग्स, स्पाइडर ड्रिल।
हर गार्ड को रोज यह वार्मअप करना चाहिए। पांच मिनट हाथ-आंख का फाउंडेशन बनाते हैं जिसकी सब कुछ को जरूरत है।
हर खिलाड़ी दो बॉल लेता है और एक साथ ड्रिबल करता है। स्थिर रहो, घुटने मुड़े हुए, आँखें ऊपर। रिदम बनाओ फिर वेरिएशन लगाओ।
यह एक बेसिक वॉर्मअप है जो कमजोर हाथ की कॉन्फिडेंस और दोनों हाथों से बॉल फील करने की क्षमता विकसित करता है।
छह शंकु ज़िग-ज़ैग पैटर्न में। खिलाड़ी गेम स्पीड पर उनके बीच से गुजरता है, हर एक पर चुना हुआ मूव करता है: क्रॉसओवर, बिटविन-द-लेग्स, बिहाइंड-द-बैक, इन-एंड-आउट, स्पिन, हेसिटेशन।
मूव्स लाइब्रेरी गेम स्पीड पर। दिशा बदलने और पेस बदलने की क्षमता बनाता है।
बॉल के साथ टॉप पर PG। कोच उंगलियां 1-4 पकड़ता है जो कवरेज दर्शाती हैं: स्विच, हेज, ड्रॉप, ब्लिट्ज। PG रीड को जोर से कॉल करता है और सही रेस्पांस एक्सीक्यूट करता है।
गार्ड का सबसे महत्वपूर्ण स्किल बनाता है: रीयल टाइम में डिफेंस को पढ़ना।
विंग के पास बॉल। डिफेंडर 3 फीट दूर। ट्रिपल थ्रेट से: जैब-स्टेप-एंड-शूट, जैब-एंड-गो, शॉट-फेक-एंड-ड्राइव, या मूविंग कटर को पास करो। कोच मूव कॉल करता है।
विंग के डिसीजन-मेकिंग को बिल्ड करता है जब वह बॉल होल्ड करता है।
बेसलाइन से विंग तक स्प्रिंट करो। चलते हुए पास कैच करो, जंप-स्टॉप, कंधों को सीधा करो, एक ही मूवमेंट में शूट करो।
गेम के शॉट्स पूरी स्पीड पर होते हैं। स्टेशनरी कैच-एंड-शूट और रियल मोशन कैच-एंड-शूट के बीच का गैप भरता है।
शूटर शॉट लेता है। मेक = 1 पॉइंट। मिस = प्रो (कोच) को 3 पॉइंट। पहले 11 तक जीत। कठोर लेकिन लत लगाने वाला।
गेम-विनिंग शॉट्स के लिए जरूरी फोकस बनाता है।
प्रैक्टिस के अंत में: 30 सेकंड प्रत्येक, टो टच, क्वाड स्ट्रेच, हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच, कॉफ स्ट्रेच, लंज स्ट्रेच, कोबरा बैक स्ट्रेच, शोल्डर रोल्स। कुल 4 मिनट।
ज्यादातर कोच इसे स्किप करते हैं। मत करो। रिकवरी यहीं से शुरू होती है। जो खिलाड़ी लगातार स्ट्रेच करते हैं वो दर्द से कम प्रैक्टिस मिस करते हैं।