— ट्रेनिंग सेशन

पिक-एंड-रोल इंट्रो (U14)

Block and Bank · 63 मिनट · 7 ड्रिल्स · जेनरेटेड 7 September 2026

आयु समूह: U14
फोकस: स्क्रीन एक्शन
अवधि: 63 मिनट
ड्रिल: 7

बॉल-स्क्रीन ऑफेंस का पहला सही परिचय। रीड्स, ऑप्शन्स, फिनिशेस। हर आधुनिक ऑफेंस की नींव।

7ड्रिल्स
63मिनट
9औसत / ड्रिल
1 Passing Lines Warm-Up
5 मिनट कठिनाई: शुरुआती उम्र: u8 कोर्ट: आधा

जोड़ियां, 5 मीटर की दूरी पर। 20 चेस्ट पास, 20 बाउंस पास, 20 ओवरहेड पास, 20 वन-हैंडेड पुश पास (हर हाथ से 10)।

बेसिक्स वार्मअप जो हर कोच को हर प्रैक्टिस में करवाना चाहिए। टर्नओवर से बचाव गारंटीड।

कोचिंग पॉइंट्स
हर पास पर स्टेप लो।
फॉलो-थ्रू पर फिंगरटिप्स।
दोनों हाथों से रिसीव करो, उंगलियां फैली हुई।
बाउंस पास: पार्टनर तक की दूरी का 2/3।
ओवरहेड पास: कलाई स्नैप करो, माथे से।
2 Pick & Roll Reads
12 मिनट कठिनाई: इंटरमीडिएट उम्र: u16 कोर्ट: आधा

आधुनिक आक्रमण की बुनियाद। बॉल-हैंडलर स्क्रीन से निकलता है और डिफेंस को पढ़ता है: अगर बिग ड्रॉप करे तो ड्राइव करो, अगर स्विच हो तो पुल-अप लो, अगर ट्रैप करें तो पॉकेट पास दो, अगर हेल्प आए तो विंग को किक करो।

लाइव रेप्स से पहले हर रीड को आधी स्पीड से वॉक-थ्रू करो।

कोचिंग पॉइंट्स
• स्क्रीन सेट करो — पहले विपरीत दिशा में हार्ड स्टेप लो
• स्क्रीन का इस्तेमाल करो — स्क्रीनर के साथ शोल्डर से हिप तक
• बिग के हिप्स को पढ़ो: ड्रॉप = ड्राइव, हेज = पुल-अप, स्विच = मिसमैच
• रोलर को पॉकेट पास हमेशा उपलब्ध रहती है
• आंखें वीक साइड को स्कैन करो — कॉर्नर शूटर हेल्प-किक के लिए सबसे आसान है
नोट: Slow first, then speed
3 Hedge & Recover (Pick & Roll)
10 मिनट कठिनाई: एडवांस्ड उम्र: u16 कोर्ट: आधा

स्टैंडर्ड पिक & रोल। बिग डिफेंडर 'हेज' करता है — बॉल-हैंडलर को धीमा करने के लिए आगे बढ़ता है — फिर अपने आदमी (रोलर) के पास वापस लौटता है। बॉल-हैंडलर का डिफेंडर स्क्रीन के ऊपर फाइट करता है।

मॉडर्न गेम में पिक & रोल के खिलाफ सबसे आम डिफेंसिव कवरेज। प्रिसाइज टाइमिंग चाहिए।

कोचिंग पॉइंट्स
बिग: लेन के बाहर दोनों पैरों से हेज करो, हाथ ऊपर रखो।
बॉल-हैंडलर को हिचकिचाने दो — बहुत आक्रामक मत हो।
जैसे ही बॉल-हैंडलर पीछे हटे, तुरंत रिकवर करो।
गार्ड के डिफेंडर: स्क्रीन के ऊपर से जाओ, कभी नीचे से नहीं।
कम्युनिकेट करो: स्क्रीन सेट होने से पहले 'स्क्रीन लेफ्ट' बोलो।
4 Horns — Quick Hitter
10 मिनट कठिनाई: एडवांस्ड उम्र: u16 कोर्ट: आधा

दोनों बिग्स एल्बो पर, दोनों विंग्स कॉर्नर में, पॉइंट गार्ड टॉप पर। दोनों बिग्स एक साथ पॉइंट गार्ड के लिए स्क्रीन सेट करते हैं, जो एक चुनता है। अनुपयोगी बिग थ्री के लिए पॉप करता है; स्क्रीन-रोलर डाइव करता है।

एक क्लासिक NBA क्विक-हिटर जो 3-4 साइमल्टेनस रीड्स बनाता है।

कोचिंग पॉइंट्स
• बिग्स मजबूत स्क्रीन सेट करते हैं — वाइड बेस, छाती के आर-पार हाथ
• PG डिफेंस को रीड करता है — देखता है कि कौन ज्यादा हेज कर रहा है
• नॉन-स्क्रीन्ड बिग पॉप करता है, क्रैश नहीं करता
• विंग्स स्पेस करते हैं — कॉर्नर्स किक-आउट टार्गेट्स हैं
• 4 रीड्स: ड्राइव, पुल-अप, रोल पास, कॉर्नर को किक
5 Point Guard Reads
10 मिनट कठिनाई: एडवांस्ड उम्र: u16 कोर्ट: आधा

बॉल के साथ टॉप पर PG। कोच उंगलियां 1-4 पकड़ता है जो कवरेज दर्शाती हैं: स्विच, हेज, ड्रॉप, ब्लिट्ज। PG रीड को जोर से कॉल करता है और सही रेस्पांस एक्सीक्यूट करता है।

गार्ड का सबसे महत्वपूर्ण स्किल बनाता है: रीयल टाइम में डिफेंस को पढ़ना।

कोचिंग पॉइंट्स
बिग डिफेंडर के हिप्स को पहले देखो।
रीड को जोर से कॉल करो।
ड्रॉप = पुल-अप जंपर।
स्विच = मिसमैच को अटैक करो।
हेज = स्क्रीन को रिजेक्ट करो, गैप को अटैक करो।
ब्लिट्ज = पॉकेट पास रोलर को।
नोट: Reading coverages
6 3v3 Half Court
12 मिनट कठिनाई: इंटरमीडिएट उम्र: u14 कोर्ट: आधा

तीन-तीन खिलाड़ियों की लाइव एक्शन। मेक-इट-टेक-इट। डिफेंस को बॉल को थ्री-पॉइंट लाइन के आगे निकालना होगा फिर ऑफेंस पर वापस जाना होगा। पहली टीम जो 7 तक पहुंचे जीत जाती है।

बास्केटबॉल में सबसे अच्छा सिखाने का तरीका। हर स्किल लागू होती है, हर डिसीजन मायने रखता है।

कोचिंग पॉइंट्स
स्पेसिंग — कभी भी एक ही एरिया में दो खिलाड़ी न रखें।
बॉल को मूव करें — बॉल-हैंडलर पर 3-सेकंड का नियम।
डिफेंस पर बात करें — स्क्रीन, स्विच, हेल्प कॉल करें।
हर शॉट पर बॉक्स आउट करें — ऑफेंसिव रिबाउंड फ्री में न दें।
कोई आइसोलेशन नहीं — हर पॉजेशन में पास होना चाहिए।
नोट: Apply live
7 Cool Down Routine
4 मिनट कठिनाई: शुरुआती उम्र: u8 कोर्ट: आधा

प्रैक्टिस के अंत में: 30 सेकंड प्रत्येक, टो टच, क्वाड स्ट्रेच, हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच, कॉफ स्ट्रेच, लंज स्ट्रेच, कोबरा बैक स्ट्रेच, शोल्डर रोल्स। कुल 4 मिनट।

ज्यादातर कोच इसे स्किप करते हैं। मत करो। रिकवरी यहीं से शुरू होती है। जो खिलाड़ी लगातार स्ट्रेच करते हैं वो दर्द से कम प्रैक्टिस मिस करते हैं।

कोचिंग पॉइंट्स
धीमी गति से मूव करो, कोई उछाल नहीं।
सांस लो, स्ट्रेच पर एक्सहेल करो।
दर्द को पार मत करो, सिर्फ किनारे तक जाओ।
हर स्ट्रेच को होल्ड रखो।
स्ट्रेचिंग के दौरान डिब्रीफ करो: आज क्या काम किया?