उम्र समूह: U12
फोकस: गेम से पहले
अवधि: 30 मिनट
ड्रिल्स: 6
30 मिनट की प्री-गेम रूटीन। हाथ, पैर और शूटिंग टच को तैयार करो बिना एनर्जी बर्बाद किए। हर गेम डे पर इसी फॉर्मेट को यूज करो।
जोड़ियां, 5 मीटर की दूरी पर। 20 चेस्ट पास, 20 बाउंस पास, 20 ओवरहेड पास, 20 वन-हैंडेड पुश पास (हर हाथ से 10)।
बेसिक्स वार्मअप जो हर कोच को हर प्रैक्टिस में करवाना चाहिए। टर्नओवर से बचाव गारंटीड।
छह प्रोग्रेशन जगह पर: पाउंड ड्रिबल्स, लो-हाई क्रॉसओवर्स, बिटवीन-द-लेग्स, बिहाइंड-द-बैक, फिगर-8 अराउंड लेग्स, स्पाइडर ड्रिल।
हर गार्ड को रोज यह वार्मअप करना चाहिए। पांच मिनट हाथ-आंख का फाउंडेशन बनाते हैं जिसकी सब कुछ को जरूरत है।
दो लाइनें: हाफ-कोर्ट में बॉल के साथ, विंग बिना। बॉल लाइन ड्रिबल करके लेअ-इन लगाती है। विंग रिबाउंड के लिए फॉलो करती है, अगले शूटर को आउटलेट पास देती है।
क्लासिक कंटीन्यूअस वार्म-अप। सही तरीके से करो तो डेली रेप्स। आलस से करो तो बर्बादी।
कोच या पार्टनर रिबाउंडर बास्केट के नीचे से परिधि पर शूटर को पास देता है। शूटर शूटिंग पोजीशन में कैच करता है, पैर सेट करता है, उठता है और शूट करता है — कोई ड्रिबल नहीं, कोई हिचकिचाहट नहीं।
आधुनिक बास्केटबॉल में सबसे आम शॉट: कैच-एंड-शूट थ्री किक-आउट से।
पाँच निर्धारित स्पॉट: दोनों कोने, दोनों विंग्स, की के ऊपर। खिलाड़ी को अगले स्पॉट पर जाने से पहले हर स्पॉट से 5 शॉट सफल करने होंगे। कोच पूरे समय को मापेगा। दीवार पर पर्सनल बेस्ट ट्रैक करो।
शूटिंग ड्रिल जो फ्लोर के हर स्पॉट से टच बनाता है।
प्रैक्टिस के अंत में: 30 सेकंड प्रत्येक, टो टच, क्वाड स्ट्रेच, हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच, कॉफ स्ट्रेच, लंज स्ट्रेच, कोबरा बैक स्ट्रेच, शोल्डर रोल्स। कुल 4 मिनट।
ज्यादातर कोच इसे स्किप करते हैं। मत करो। रिकवरी यहीं से शुरू होती है। जो खिलाड़ी लगातार स्ट्रेच करते हैं वो दर्द से कम प्रैक्टिस मिस करते हैं।