हर खिलाड़ी कठिन फिजिकल टास्क (10 पुश-अप्स, स्प्रिंट्स, रिबाउंड्स) के बाद दो फ्री थ्रो डालता है। टीम का सबसे बेहतर प्रतिशत अगले स्प्रिंट में बैठ जाता है।
मैच के आखिरी पलों की थकान को दोहराता है। ज्यादातर मिस्ड फ्री थ्रो 4-2 पर 6 सेकंड बचे होते हैं, शांत ड्रिल्स में नहीं।
हर बार एक ही रूटीन, ऑटोमेटिक।
लाइन पर धीमा करो, थकान जल्दबाजी करने के लिए उकसाती है।
तीन ड्रिबल्स, सांस लो, शूट करो। करो।
फॉलो-थ्रू और होल्ड।
मिस्स का कोई मतलब नहीं, अगला ही मायने रखता है।
100 फ्री थ्रो लगातार। टीम कंपटीशन। मेक या मिस के नतीजे। मैच के आखिरी पलों की सिचुएशन।